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Monday, 8 December 2014

खूबसूरत शिमला (beautiful shimla)………. DEKHO DUNIA DEKHO










शिमला(shimla), नार्थ इंडिया (north India) का बेहद फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन (famous tourist destination) और हिमाचल की कैपिटल (capital of himachal) है। हिस्ट्री (history) के मुताबिक शिमला का नाम हिंदू देवी मां काली के दूसरे नाम श्यामला पर रखा गया है। शिमला के सफर की शुरूआत होती है सन् 1814 से 1816 तक हुए गोरखा वार (gorkha war) के बाद। इस वार के बाद जब सैनिक टुकडि़यों को आराम करने के लिए जगह ढूंढी जा रही थी तो चीड़, देवदार के घने जंगलों और बड़े- बड़े पहाड़ों के बीच इस जगह को चुना गया। यहां पर सबसे पहले घर बनाने वाले चाल्र्स कैनेडी (Charles Canedy) थे लेकिन जल्दी ही 1828 से 1835 तक ब्रिटिश इंडिया (British governor)के गर्वनर जनरल लार्ड विलियम बेन्टिन्क (Lord William Bentinck) को भी ये बहुत पसंद आया। समुद्र से करीब 2200 मीटर उंची इस जगह को ब्रिटिशर्स (Britishers) ने साल 1864 में समर कैपिटल (summer capital) बनाया था। ब्रिटिश टाइम (British time) में यहां पर ट्यूडर और न्यूगाथिक शैली में बिल्डिंगस (buildings) बनाई गई जो अब भी यहां उसी शान-शौकत से खड़ी हुई है।


शिमला. वैसे तो नार्थ इंडिया ही नहीं बल्कि पूरे इंडिया का बेहद फेमस डेस्टिनेशन है। दिल्ली (Delhi) से करीब 350 किलोमीटर और चंडीगढ़ (Chandigarh) से करीब 100 किलोमीटर दूर है। शिमला रोड (road), बस (bus), ट्रेन (train) और प्लेन (flight) किसी से भी बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर आपके पास टाइम (time) है और नेचुरल ब्यूटी (natural beauty) और और बढि़या तरीके से इंजाय (enjoy) करना चाहते है तो शिमला जाने के लिए सबसे बढि़या आप्शन (option) टाय ट्रेन (toy train) का है जो कालका (kalka) से चलती है। टाय ट्रेन में कालका से शिमला जाने में करीब 5 घंटे लगते है। इस ट्रेन को साल 1903 में लार्ड कर्जन (lord curzon) ने शुरू किया था जो करीब 96 किलोमीटर तक पहाड़ों और जंगलों के बीच से आपको लेकर आती है जिसमें कुल 18 स्टेशन (18 station) और 103 टनल (103 tunnel) पड़ते हैं। अपने व्हीकल (vehicle) से भी चंडीगढ़ से पंचकूला  (Chandigarh to panchkula)और परवाणु (parwanoo) होते हुए जाया जा सकता है। अगर आप फ्लाइट (flight) से शिमला जा रहे हैं तो शहर से 23 किलोमीटर दूर जब्बरहट्टी (jubbarhatti airport) है। आप अपनी कार से शिमला जा रहे हैं और होटल (hotel) में पार्किंग की फैसीलिटी (parking facility) नहीं है तो यहां पर लिफ्ट (lift) के पास कार पार्किंग (car parking) में खड़ी कर सकते हैं और वहां से लिफ्ट लेकर माल रोड (mall road) जा सकते हैं।

शिमला में रहने और खाने की भी कोई टेंशन नहीं है। हालिडे इन (holiday inn) से लेकर 5 स्टार होटल (5 star hotel) तक यहां पर मिल जाएंगे लेकिन अगर आप सीजन (season) में यहां आ रहे हैं तो होटल की बुकिंग (hotel booking) पहले से करा लें तो बेहतर होगा। खाने के शौकीनों को यहां पर कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि पिज्जा (pizza) से लेकर डोसा (dosa) और चने से लेकर आइसक्रीम (ice cream) तक यहां पर सब कुछ मिलता है।

यहां आने पर सबसे पहले आपका वैलकम (welcome) करता है यहां का मौसम (weather)। वैसे तो मौसम हमेशा ही सुहावना रहता है लेकिन आप स्कीइंग (skiing) और स्नोफाल (snow fall) का एक्सपीरियंस (experience) भी लेना चाहते हैं तो दिसंबर (december) और जनवरी (january) का महीना (month) सबसे बढि़या है। इस मौसम में रिज (ridge) से पूरे शिमला का नजारा देखना भी बिल्कुल अलग एक्सपीरियंस है।
शिमला की पहचान बन चुका क्राइस्ट चर्च (christ church shimla) न्यू गाथिक वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है जो साल 1844 में बनाया गया था। इसकी खास बात ये है कि इसमें आर्गन पाइप (organ pipe) है जो इंडिया में सबसे बड़ा है।

 
क्राइस्ट चर्च (christ church) के अलावा माल रोड (mall road) का सबसे उंचा पाइंट माने जाने वाली जगह को स्कैंडल पाइंट (scandal point) कहते हैं जहां फेमस फ्रीडम फाइटर (famous freedom fighter) लाला लाजपत राय (lala lajpat rai) की मूर्ति लगी हुई है।

शिमला में वल्र्ड फेमस गेयटी थियेटर (world famous gaiety theatre in shimla) भी है जो पुराने ब्रिटिश थियेटर (old British theatre) का ही रूप है और गोथिक विक्टोरियन वास्तुकला को दिखाता है। गेयटी थियेटर (gaiety theatre) को हेनरी इरविन ने डिजाइन किया था और इसका उद्घाटन 1887 में ब्रिटिश सरकार ने एलीट क्लास के मनोरंजन के लिए किया था।

शिमला में एक और जगह देखने लायक है। साल 1888 में बनी वायसरीगल लाज (Viceregal Lodge, also known as Rashtrapati Niwas) नाम की बिल्डिंग (building) इसको वायसराय लार्ड डफरिन ( Lord Dufferin) के रहने के लिए बनाया गया था। लेकिन अब इस बिल्डिंग का यूज इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडीज (Indian institute of advance studies) के तौर पर होता है। ये एक 6 मंजिल की इमारत है जो लान और बगीचों से घिरी हुई है। इसके टैरेस (terrace) से सनसेट (sunset) और सनराइज (sun rise) देखना भी बेहद अलग एक्सपीरियंस है।


शिमला की सबसे उंची चोटी पर भगवान हनुमान जी का मंदिर है इसे जाखू मंदिर (jakhu temple) कहते हैं। इस मंदिर में रिज पर बने चर्च के पास से पैदल या फिर टैक्सी (taxi) से जाया जा सकता है। मंदिर जाने के लिए काफी सीढि़यां चढ़नी पढ़ती है और रास्ते में आपको बंदर भी मिलेंगे लेकिन इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि जब आप मंदिर पहुंच जाएंगे तो वहां से शिमला का नजारा देखकर आपकी थकान गायब हो जाएगी। ये प्राचीन मंदिर 2455 मीटर की उंचाई पर है और यहां पर राम भक्त हनुमान जी की 108 फीट उंची मूर्ति भी है जो शिमला में कहीं से भी दिखाई देती है। मान्यता है कि भगवान राम और रावण की लड़ाई के दौरान लक्ष्मण जी के मूर्छित होने के दौरान हनुमान जी यहां पर आए थे और जब हनुमान जी ऋषि यक्ष को मिलने का वादा पूरा ना कर पाए तो बाद में हनुमान जी ने उन्हें दर्शन दिये और यहां पर उनकी स्वयंभू मूर्ति प्रकट हुई तब यहां ऋषि यक्ष ने एक मंदिर बनवाया था।

जाखू मंदिर के अलावा यहां पर मां श्यामला का मंदिर भी है जो काली बाड़ी मंदिर के नाम से फेमस है। साथ ही शहर से थोड़ी दूर पर धनु देवता का मंदिर है जहां भगवान के पुरूष रूप की पूजा होती है।




पढ़ने के अलावा अगर आप चाहते हैं कि ऐसी ही और इंटरस्टिंग टूरिस्‍ट डेस्टिनेशंस को देखें तो आप हमारे यू-टयूब चैनल को सब्‍सक्राइब कर सकते हैं।
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Monday, 10 November 2014

दिल्ली....दिल वालों की------DELHI------------DEKHO DUNIA DEKHO




 


अपने इस ब्लाॅग (BLOG) में हमने आपको घुमक्कड़ी से जुड़ी कुछ जानकारियां तो दी लेकिन अब नंबर आता है डोमेस्टिक टूरिज्म डेस्टिनेशंस (DOMESTIC TOURISM DESTINATION) की डिटेल (DETAILS) आपको देने का। इसके लिए हमने काफी सोचा कि किस शहर या किस स्पाॅट को सबसे पहले अपने ब्लाॅग (BLOG) में शामिल किया जाए तो शिमला (SHIMLA), मनाली (MANALI),  गुलमर्ग (GULMARG), कश्मीर(KASHMIR), अमृतसर (AMRITSAR) मुंबई (MUMBAI) गोवा (GOA) केरल (KERALA) सहित कई नाम सामने आए लेकिन फाइनल (FINAL) किया देश का दिल और मिनी इंडिया यानि कि दिल्ली DELHI) को। इसको दिल वालों की दिल्ली भी कहा जाता है।

NEW DELHI में पूरे इंडिया (INDIA) से आए लोग रहते हैं इसलिए हर उम्र, हर तरह के खाने से लेकर मंदिर, मस्जिद, गुरूद्ारे, चर्च सब हैं यहां। इसके अलावा हर बजट के ट्रैवलर्स (TRAVELERS) के लिए बजट होटल (BUDGET HOTELS) से लेकर 5 स्टार होटल्स (5 STAR HOTELS) की पूरी लिस्ट (LIST) है। घूमने के लिए डीटीसी (DTC) की लो.फ्लोर बस (LOW FLOOR BUSES), आॅटो (AUTO), टैक्सी (TAXI), इंटरनेशनल लेवल की मेट्रो (DELHI METRO) तक यहां है। दुनिया भर के मेट्रो शहरों की तरह ही यहां पर वल्र्ड क्लाॅस एयरपोर्ट (WORLD CLASS AIRPORT) है तो रेलवे स्टेशन (RAILWAY STATION) पर भी काफी भीड़भाड़ रहती है।

पुरानी दिल्ली (OLD DELHI) में चांदनी चैक (CHANDNI CHOWK) की भीड़ वाली और संकरी गलियां हो या फिर बढ़े और खुले पार्क सभी के लिए कुछ ना कुछ है यहां।


दिल्ली आने के बाद आप ऐतिहासिक चीजें देखना चाहते हैं तो आप लाल किला (RED FORT), कुतुब मीनार (QUTUB MINAR), हुमायुं का मकबरा, जामा मस्जिद (JAMA MASJID), पुराना किला (OLD FORT), राष्ट्रपति भवन (PRESIDENT HOUSE), संसद भवन (PARLIAMENT OF INDIA), राजपथ (RAJ PATH), इंडिया गेट (INDIA GATE), जंतर-मंतर (JANTAR MANTAR) देख सकते हैं। प्रगति मैदान (PRAGATI MAIDAN) के पास भैरों बाबा का मंदिर, गौरी शंकर मंदिर, सीपी यानि कि क्नाॅट प्लेस (CONNAUGHT PLACE) के पास हनुमान मंदिर, झंडेवालान मंदिर, कालका जी में कालका मंदिर, साउथ दिल्ली में छतरपुर मंदिर, वसंत विहार में हनुमान मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, इस्काॅन मंदिर, लोटस टेंपल, बंगला साहिब गुरूदारा, रकाब गंज गुरूदारा, सीसगंज गुरूदारा, मजनूं का टीला गुरूदारा, सीपी के पास चर्च, नाॅर्थ दिल्ली में यहां का सबसे पुराना चर्च सेंट जेम्स चर्च जो कि सिर्फ रविवार को ही खुलता है। इनके अलावा दिल्ली में हजरत निजामुद्दीन की दरगाह, और जामा मस्जिद देखने जा सकते हैं।

अगर आप खाने के भी बड़े शौकीन हैं तो दिल्ली आपको खुश कर देगी। इंटरनेशनल कुजीन के लिए रेस्टोरेंट और मैकडी (MC DONALDS), डाॅमिनोज (DOMINOZ), पिज्जा हट (PIZZA HUT), सब-वे (SUBWAY) जैसी फाॅस्ट फूड चेन्स (FAST FOOD CHAINS) भी तो यहां पर हैं इसके अलावा अगर आप नाॅर्थ इंडियन (NORTH INDIAN), साउथ इंडियन फूड (SOUTH INDIAN FOOD) के अलावा बंगाली खाने के भी मुरीद हैं तो आप साउथ दिल्ली में सीआर पार्क (C R PARK) की मार्केट में जाकर बंगाली खाने का पूरा मजा ले सकते हैं। नाॅन वेज खाने के लिए आप पुरानी दिल्ली में करीम (KARIM) के यहां पर जाकर नाॅन वेज का मजा ले सकते हैं तो आपको दिल्ली में क्नाॅट प्लेस के केजी मार्ग यानि कि कस्तूरबा गांधी मार्ग पर रिवाल्विंग रेस्टोरेंट परिक्रमा में जाकर खाने को इंजाय (ENJOY) कर सकते हैं यहां पर खाने के साथ साथ घूमते हुए आप दिल्ली के दिल क्नाॅट प्लेस का नजारा भी देख सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली में पराठंे खाने के लिए चांदनी चैक में परांठों के लिए वल्र्ड फेमस परांठे वाली गली जा सकते हैं जहां आपको इतनी ज्यादा वैराइटी में परांठे मिलेंगे जिनके बारे में शायद आपने सुना ही नहीं होगा।

शाॅपिंग लवर्स (SHOPPING LOVERS) के लिए भी दिल्ली में बहुत कुछ है। नामी गिरामी बैंडस हो या डिजाइनर्स कलेक्शन हो या फिर बजट शाॅपिंग यहां सभी के लिए बहुत कुछ है। चंादनी चैक जो कि दिल्ली के सबसे पुराना बाजार है ये करीब 300 साल पुराना है यहां आप शाॅपिंग कर सकते हैं। क्नाॅट प्लेस में इनर सर्किल और पालिका बाजार भी काफी फेमस हैं। इनके अलावा आप सरोजिनी नगर, लाजपत नगर, करोल बाग, साउथ एक्सटेंशन, ग्रेटर कैलाश की एम ब्लाॅक मार्किट में आपको सभी पापुलर ब्रांडस के शोरूम मिल जाएंगे साथ ही रोड साइड शाॅप्स पर आप जमकर बार्गेन कर अपनी पसंद की चीजें खरीद सकते हैं। अगर आप हैंडी क्राफ्ट आइटम्स में दिलचस्पी रखते हैं तो आप हौज खास विलेज, आईएनए और प्रीतमपुरा के दिल्ली हाॅट जाकर ऐसी आइटम्स देख सकते हैं।  इनके अलावा डिजाइनर कलेक्शन के लिए आप साउथ दिल्ली में एमजी रोड यानि कि महरौली गुड़गांव रोड पर काफी सारे शोरूम है जिनसे डिजाइनर कपड़े, इंटीरियर डेकोरेशन आइटम्स खरीद सकते हैं।

ये तो हुई शाॅपिंग, फूड, और मंदिर, मस्जिद, गुरूदारे और चर्च की बातें। आपका इंटरेस्ट अगर दिल्ली का इतिहास जानने में भी है और दिल्ली आकर अगर आप ऐसा चांस मिस नहीं करना चाहते तो आप मुगलकालीन इतिहास जानने के लिए लाल किला जा सकते हैं जहां कैलीग्राफी जैसी ललित कला को दिखाने वाली पांडुलिपियां रखी गई हैं। पानीपत की लड़ाई से जुड़ी चीजों के अलावा यहां पर उस जमाने में पहने जाने वाले कपड़े, सेकेंड वल्र्ड वाॅर में अंग्रेजों ने जो हथियार इस्तेमाल किये थे वो भी आपको यहीं देखने को मिल जाएंगे। दिल्ली कैंट में आपको भारतीय वायु सेना के इतिहास को देखने के लिए वायु सेना संग्रहालय जाना होगा जहां हवाई जहाजों और वायु सेना के हथियारों को सहेज कर रखा गया है। इसके अलावा आप नेशनल म्यूजियम, रेल म्यूजियम भी देखने जा सकते हैं।

दिल्ली देखने के लिए बेस्ट टाइम वैसे तो पूरा साल ही है और यहां की सर्दी भी वल्र्ड फेमस है लेकिन अगर आप ज्यादा गर्मी, और सर्दी में नहीं जाना चाहते तो आप अक्टूबर, नवंबर, फरवरी और मार्च में आ सकते हैं तब आपको मौसम बेहद सुहावना मिलेगा।

पढ़ने के अलावा अगर आप चाहते हैं कि ऐसी ही और इंटरस्टिंग टूरिस्‍ट डेस्टिनेशंस को देखें तो आप हमारे यू-टयूब चैनल को सब्‍सक्राइब कर सकते हैं।
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