Wednesday, 10 December 2014

मनाली टूरिज्म---------manali tourism-----------DEKHO DUNIA DEKHO-----------देखो दुनिया देखो

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पिछली पोस्ट में हमने आपको हिमाचल की कैपिटल शिमला और उसके आस-पास के टूरिस्ट डेस्टिनेशंस के बारे में बताया था। अब हम आपको हिमाचल के ही एक और फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन मनाली लेकर चलते हैं।

दिल्ली से मनाली की दूरी करीब 600 किलोमीटर है। अगर आप दिल्ली से मनाली बाई रोड जाना चाहते हैं तो आप कश्मीरी गेट से हिमाचल टूरिज्म की वेबसाइट पर जाकर आनलाइन बस टिकट बुक कर सकते हैं। दिल्ली से मनाली की वाल्वो की टिकट 1300 रूपये है। फ्लाइट से जाने के लिए आपको भुतंर एयरपोर्ट की टिकट खरीदनी होगी जहां से मनाली नेशनल हाईवे नंबर- 3 से होकर जाना पड़ेगा। भुंतर एयरपोर्ट से मनाली 50 किलोमीटर है। इतना डिस्टेंस तय करने में करीब 1 घंटा लगता है। जबकि इंडियन रेलवे अगर आप मनाली जा रहे हैं तो आपको मनाली से सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन जोगिंदरनगर है। लेकिन आप कालका और पठानकोट रेलवे स्टेशन से भी मनाली जा सकते हैं।

 मनाली में रूकने के लिए वैसे तो हर बजट के लिए होटल है लेकिन अगर आपका बजट काफी अच्छा है तो आप स्पान रिजार्ट एंड स्पा, वाइट मिडोज या फिर सोलांग वैली होटल में रूका जा सकता है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश टूरिज्म डेवलपमेंट कारपोरेशन के होटल द लाॅग हट्स एंड हमटा काॅटेज, हिडीम्बा काॅटेज, द कुजुंम, द रोहतांग मनाल्सु, द ब्यास और द टूरिस्ट लाॅज में रूम बुक करवा सकते हैं। कुल मिलाकर मनाली में 1000 से ज्यादा होटल्स हैं। पूरे साल यहां पर ठंड रहती है इसलिए समर्स में हल्के गर्म कपड़े और विटर्स में अच्छे गर्म कपड़े, जैकेट साथ ले जाना ना भूलें।

नेचर ने मनाली को खुले हाथों से सजाया है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी हर साल हजारों लोग मनाली घूमने के लिए आते हैं। देखो दुनिया देखो की टीम आपको एक सजेशन देती है कि अगर आप मनाली घूमने के लिए प्रोग्राम बना रहे हैं तो आप कम से कम 3 से 4 दिनों का प्रोग्राम बनाकर आएं। मनाली में हर किसी के लिए कुछ ना कुछ है। जैसे कि अगर आप नेचर लवर हैं तो यहां के फाॅरेस्ट, यहां की ग्रीनरी आपको तरोताजा करने के लिए है। अगर आप एडवेंचर लवर्स हैं तो आप यहां पर स्कीइंग, हाइकिंग, पैराग्लाइडिंग, रिवर राफ्टिंग, कायाकिंग, माउंटेन बाइकिंग, जैसे तमाम एडवेंचर स्पोटर्स का मजा ले सकते हैं। लेकिन अगर आप इन सबके साथ साथ यहां के कल्चर और इतिहास को देखना चाहते हैं तो मनाली आपको निराश नहीं करेगा।

मनाली में साल 1553 में लकड़ी से बनाया गया हिडिम्बा मंदिर है। इस मंदिर को वहां के महाराजा बहादुर सिंह ने बनवाया था। 4 मंजिल का ये मंदिर पांडवों में से भीम की पत्नी को समर्पित है। मंदिर काष्ठ की कढ़ाई और शिवलिंग के लिए बेहद फेमस है। ढूंगरी वन विहार में बनाया गये इस मंदिर में मई के महीने में बेहद भव्य उत्सव होता है। मंदिर के पास ही म्यूजियम आॅफ ट्रेडिशनल हिमाचल कल्चर है जहां से आप सोवेनियर खरीद सकते हैं। लकड़ी से बना हुआ ये मंदिर पैगोड़ा डिजाइन पर बना हुआ है।



मनाली से 2-3 किलोमीटर दूर ओल्ड मनाली है जहां पर गेस्ट हाउस और पार्क काफी ज्यादा है। यहीं पर ही मनालीगढ़ किला भी हैं जो देखने लायक है। साथ ही ओल्ड मनाली में महर्षि मनु का मंदिर है यहीं आकर महर्षि ने ध्यान लगाया था। मनाली के माल रोड से थोड़ी दूर वशिष्ठ गांव है जहां पर भगवान राम और संत वशिष्ठ का मंदिर है जो, एक दूसरे के अपोजिट साइड है। साल 1960 में गाधन थेकचोलिंग गोम्पा बौद मंदिर है जिसमें शाक्य मुनि बुद की प्रतिमा विराजमान है। इस मठ को तिब्बती शरणार्थियों ने बनवाया था। जब आप गोम्पा के बाहर की दीवार को देखेंगे तो आपको वहां पर कुछ नाम लिखे दिखाई देंगे। ये नाम उन नागरिकों के जो तिब्बत में 1987 से 1989 तक चीन की तरफ से हुई कार्रवाई में मारे गए थे।

मनाली के पास पिरनी गांव में अर्जुन गुफा को देखने के लिए काफी लोग जाते हैं। यहां पर मान्यता है कि महाभारत के समय अर्जुन ने यहीं पर तपस्या की थी और इंद्रदेव ने अर्जुन की तपस्या से खुश होकर पशुपति अस्त्र प्रदान किया था।

सोलांग नाला, मनाली से 13 किलोमीटर दूर है। ये जगह 300 मीटर की स्की लिफ्ट के लिए फेमस है। 10 से 14 फरवरी के बीच यहां पर एनुअली विंटर कार्निवल मनाया जाता है, यहां पर ट्रैकिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग के कैंप भी लगाए जाते हैं। सोलांग नाला से मनाली की पुरानी कैपिटल जगतसुख को भी देखा जा सकता है।



मणिकर्ण भी यहां का फेमस टूरिस्ट स्पाॅट है। समुद्र तल से 1700 मीटर उंची इस जगह पर गर्म पानी का झरना है। यहां का पानी इतना गर्म है कि इसमें आप खाना भी बना सकते हैं। मान्यता है कि यहां पर माता पार्वती के कर्णफूल खो गए थे जिसके बाद झरने का पानी गर्म हो गया। मणिकर्ण से कूल्लू की दूरी करीब 40 किलोमीटर है और यहां से 30 किलोमीटर दूर ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क है जहां पर जानवरों और पक्षियों की काफी सारी प्रजातियों को देखा जा सकता है। इसके साथ ही अगर यहां पर आप दशहरे के आस-पास जा रहे हैं तो आपको वल्र्ड फेमस कुल्लू का दशहरा भी देखने को मिलेगा जो दशहरे के बाद 15 दिनों तक चलता है।



अब बात यहां के एक और फेमस डेस्टिेनेशन जिसकी खूबसूरती बालीवुड फिल्मों में आपने देखी है। साल भर बर्फ से ढकी रहने वाली ये जगह रोहतांग पास है। मनाली से 50 किलोमीटर दूर जाने के लिए मनाली से टैक्सी और बस जाती है। अक्टूबर से फरवरी तक यहां पर स्नोफाल होता है जिसकी वजह से रोहतांग से लेह जाने वाला नेशनल हाइवे भी 6 महीने के लिए बंद कर दिया जाता है। रोहतांग पास से वेस्ट में दसोहर नाम की बेहद खूबसूरत झील है और जून से नवंबर के दौरान यहां पर लाहौल घाटी से पहुंचा जा सकता है। यहीं से कुछ दूर सोनपानी ग्लेशियर है।

हिमाचल का टूरिज्म डिपार्टमेंट लर्जी, कटरैन और कसौल में फिशिंग की परमीशन देता है तो रोहतांग में आप माउंटेन बाइकिंग का मजा ले सकते हैं। साथ ही मई से मिड जून तक व्यास नदी में रिवर राफ्टिंग भी की जा सकती है। इसके अलावा सोलांग नाला में ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एडवेंचरस एक्टिविटीज की जा सकती हैं। कुल मिलाकर मनाली में ना सिर्फ नेचुरल ब्यूटी है बल्कि यहां पर मंदिरों के साथ-साथ एडवेंचर भी काफी है। यहीं कारण भी है कि जो एक बार इस जगह को देख ले वो बार बार यहां पर आता है।

मनाली जाने के लिए आप हिमाचल टूरिज्म डिपार्टमेंट से बस, होटल और पैकेज की बुकिंग के लिए नीचे दिये गए नंबर्स पर फोन या मेल कर डिटेल ले सकते हैं।



NEW DELHI OFFICE ------------ CHANDERLOK BUILDING, 36, JANPATH, NEW DELHI-110001
Tel: (011) 23325320, 23324764  Fax: (011) 23731072
E-mail: newdelhi@hptdc.in



MANALI OFFICE-------------------THE MALL, MANALI -175131
Tel: (01902) 253531, Fax: (01902) 252325
E-mail: manali@hptdc.in



CORPORATE OFFICE IN SHIMLA
H.P. Tourism Development Corporation Ltd.
Ritz Annexe, Shimla
Himachal Pradesh - 171 001
Tel: 0177- 2652704 
Fax: 0177- 2652206
E-mail: hptdc@hptdc.in

पढ़ने के अलावा अगर आप चाहते हैं कि ऐसी ही और इंटरस्टिंग टूरिस्‍ट डेस्टिनेशंस को देखें तो आप हमारे यू-टयूब चैनल को सब्‍सक्राइब कर सकते हैं।
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शिमला के आसपास घुमक्कड़ी---------tourist place near shimla----------dekho dunia dekho--------देखो दुनिया देखो

पिछले ब्लाॅग (last blog) में देखो दुनिया देखो (dekho dunia dekho) ने आपको शिमला (shimla) के बारे में बताया था। अब बारी है शिमला के आस-पास की वो लोकेशंस (locations near shimla) जिनको देखे बिना आपका शिमला ट्रिप (shimla trip) अधूरा है।


 मशोबरा (mashobra)
शिमला (shimla) और नालदेहरा  रोड (naldehra road) पर करीब 10 किलोमीटर (10 kilometer) आगे चीड़, देवदार के पेड़ों से घिरी बेहद सुंदर और शांत जगह मशोबरा (mashobra) है। ये सिंधु और गंगा नदी (ganga river) के तट पर है और एशिया (asia) के बड़े वाॅटरहेड (water head) के रूप में जाना जाता है।
मशोबरा में आप ट्रैकिंग (treaking), कैम्पिंग (camping) और पिकनिक (piknik) मनाने का तो आॅप्शन (option) मिलता ही है साथ ही आप यहां पर रिजर्व फाॅरेस्ट (reserve forest) में जंगली जानवर और पेड़ पौधों की प्रजातियों को देख सकते हैं। तो, हिमाचल राज्य संग्रहालय (himachal state museum) भी देखा जा सकता है। इसके अलावा यहां पर महासू देवता का मंदिर भी है जो कि भगवान शिव(lord shiva) का ही एक नाम है। यहां पर हर साल मई महीने (may month) के तीसरे मंगलवार (tuesday) को एक मेला भी लगाया जाता है जिसमें भगवान महासू की पूजा होती है इसलिए इसे महासू मेला भी कहते हैं।



कुफरी (kufri)
शिमला के पास एक और टूरिस्ट डेस्टिनेशन (tourist destination) है कुफरी। ये शिमला से करीब 16 किलोमीटर दूर है। शिमला से नारकंडा (narkanda) जाते हुए ये डेस्टिनेशन (destination) आता है। कुफरी का नाम कु्रफ वर्ड से पड़ा है इसका लोकल लैंग्वेज (local language) में मतलब है झील। यहां पर आकर आप याक और घुड़सवारी (horse riding) का शौक भी पूरा कर सकते हैं। यहां के नेचर पार्क (nature park) में कई जानवरों को रखा गया है।फागू (fagu) और महासू पीक (mahasu peak) जो कि यहां की सबसे उंची चोटी है जो विटंर्स (winters) में बर्फ से लदी रहती है। कुफरी में हर साल विंटर्स में स्पोर्टस फेस्टिवल (sports festival in winters) भी आर्गनाइज (organize) किया जाता है जिसमें स्कीइंग (skiing) के शौकीन स्कीइंग करते हैं।








चैल (chail)
पोलो ग्राउंड (polo ground) और दुनिया में सबसे उंचे क्रिकेट ग्राउंड ( highest cricket ground in the world) के लिए फेमस (famous) चैल, शिमला से 45 किलोमीटर दूर है। महाराजा पटियाला भूपेंद्र सिंह (Bhupinder Singh) को जब लार्ड किच्नर ( Lord Kitchener) ने शिमला से निर्वासित कर दिया था तो महाराजा ने इसका बदला लेने के लिए महाराजा भूपेंद्र सिंह ने साल 1891 में चैल में महल बनवाया। चैल फिशिंग (fishing) और ट्रैकिंग (trekking) के लिए भी बेस्ट प्लेस (best place) है।
यहां पर देखने के लिए गुरूदारा साहिब (gurudwara sahib), सिद बाबा का मंदिर, काली का टिब्बा, महाराजा महल है।





कसौली (kasauli)
समुंद्र तल से 1927 मीटर उंचाई पर अंग्रेजों ने कसौली को बसाया था जो शिमला से 77 किलोमीटर दूर है। जहां मंकी पाइंट (monkey point), डगशाई जैसी जगह घूमने के लिए है। कसौली एक कैंटोनमेंट सिटी (cantonment city) है। यहां सबसे ज्यादा भीड़ वाली जगह लोअर माॅल (lower mall) जहां दुकानों में रोजमर्रा की चीजें और सोवेनियर (souvenir) मिलते हैं।



तत्तापानी (tatta pani)
शिमला से 50 किलोमीटर दूर तत्तापानी सतलुज नदी के किनारे है। करीब 1 किलोमीटर फैली इस जगह पर हर साल हजारों टूरिस्ट (tourist) जाते हैं। यहां पर आने का सबसे बड़ा कारण यहां पर गर्म पानी का चश्मा (hot springs) होना है। हर साल पूर्णिमा (full moon) के दिन यहां पर मेला लगता है।


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Monday, 8 December 2014

खूबसूरत शिमला (beautiful shimla)………. DEKHO DUNIA DEKHO










शिमला(shimla), नार्थ इंडिया (north India) का बेहद फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन (famous tourist destination) और हिमाचल की कैपिटल (capital of himachal) है। हिस्ट्री (history) के मुताबिक शिमला का नाम हिंदू देवी मां काली के दूसरे नाम श्यामला पर रखा गया है। शिमला के सफर की शुरूआत होती है सन् 1814 से 1816 तक हुए गोरखा वार (gorkha war) के बाद। इस वार के बाद जब सैनिक टुकडि़यों को आराम करने के लिए जगह ढूंढी जा रही थी तो चीड़, देवदार के घने जंगलों और बड़े- बड़े पहाड़ों के बीच इस जगह को चुना गया। यहां पर सबसे पहले घर बनाने वाले चाल्र्स कैनेडी (Charles Canedy) थे लेकिन जल्दी ही 1828 से 1835 तक ब्रिटिश इंडिया (British governor)के गर्वनर जनरल लार्ड विलियम बेन्टिन्क (Lord William Bentinck) को भी ये बहुत पसंद आया। समुद्र से करीब 2200 मीटर उंची इस जगह को ब्रिटिशर्स (Britishers) ने साल 1864 में समर कैपिटल (summer capital) बनाया था। ब्रिटिश टाइम (British time) में यहां पर ट्यूडर और न्यूगाथिक शैली में बिल्डिंगस (buildings) बनाई गई जो अब भी यहां उसी शान-शौकत से खड़ी हुई है।


शिमला. वैसे तो नार्थ इंडिया ही नहीं बल्कि पूरे इंडिया का बेहद फेमस डेस्टिनेशन है। दिल्ली (Delhi) से करीब 350 किलोमीटर और चंडीगढ़ (Chandigarh) से करीब 100 किलोमीटर दूर है। शिमला रोड (road), बस (bus), ट्रेन (train) और प्लेन (flight) किसी से भी बहुत आसानी से पहुंचा जा सकता है। अगर आपके पास टाइम (time) है और नेचुरल ब्यूटी (natural beauty) और और बढि़या तरीके से इंजाय (enjoy) करना चाहते है तो शिमला जाने के लिए सबसे बढि़या आप्शन (option) टाय ट्रेन (toy train) का है जो कालका (kalka) से चलती है। टाय ट्रेन में कालका से शिमला जाने में करीब 5 घंटे लगते है। इस ट्रेन को साल 1903 में लार्ड कर्जन (lord curzon) ने शुरू किया था जो करीब 96 किलोमीटर तक पहाड़ों और जंगलों के बीच से आपको लेकर आती है जिसमें कुल 18 स्टेशन (18 station) और 103 टनल (103 tunnel) पड़ते हैं। अपने व्हीकल (vehicle) से भी चंडीगढ़ से पंचकूला  (Chandigarh to panchkula)और परवाणु (parwanoo) होते हुए जाया जा सकता है। अगर आप फ्लाइट (flight) से शिमला जा रहे हैं तो शहर से 23 किलोमीटर दूर जब्बरहट्टी (jubbarhatti airport) है। आप अपनी कार से शिमला जा रहे हैं और होटल (hotel) में पार्किंग की फैसीलिटी (parking facility) नहीं है तो यहां पर लिफ्ट (lift) के पास कार पार्किंग (car parking) में खड़ी कर सकते हैं और वहां से लिफ्ट लेकर माल रोड (mall road) जा सकते हैं।

शिमला में रहने और खाने की भी कोई टेंशन नहीं है। हालिडे इन (holiday inn) से लेकर 5 स्टार होटल (5 star hotel) तक यहां पर मिल जाएंगे लेकिन अगर आप सीजन (season) में यहां आ रहे हैं तो होटल की बुकिंग (hotel booking) पहले से करा लें तो बेहतर होगा। खाने के शौकीनों को यहां पर कोई दिक्कत नहीं होगी क्योंकि पिज्जा (pizza) से लेकर डोसा (dosa) और चने से लेकर आइसक्रीम (ice cream) तक यहां पर सब कुछ मिलता है।

यहां आने पर सबसे पहले आपका वैलकम (welcome) करता है यहां का मौसम (weather)। वैसे तो मौसम हमेशा ही सुहावना रहता है लेकिन आप स्कीइंग (skiing) और स्नोफाल (snow fall) का एक्सपीरियंस (experience) भी लेना चाहते हैं तो दिसंबर (december) और जनवरी (january) का महीना (month) सबसे बढि़या है। इस मौसम में रिज (ridge) से पूरे शिमला का नजारा देखना भी बिल्कुल अलग एक्सपीरियंस है।
शिमला की पहचान बन चुका क्राइस्ट चर्च (christ church shimla) न्यू गाथिक वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है जो साल 1844 में बनाया गया था। इसकी खास बात ये है कि इसमें आर्गन पाइप (organ pipe) है जो इंडिया में सबसे बड़ा है।

 
क्राइस्ट चर्च (christ church) के अलावा माल रोड (mall road) का सबसे उंचा पाइंट माने जाने वाली जगह को स्कैंडल पाइंट (scandal point) कहते हैं जहां फेमस फ्रीडम फाइटर (famous freedom fighter) लाला लाजपत राय (lala lajpat rai) की मूर्ति लगी हुई है।

शिमला में वल्र्ड फेमस गेयटी थियेटर (world famous gaiety theatre in shimla) भी है जो पुराने ब्रिटिश थियेटर (old British theatre) का ही रूप है और गोथिक विक्टोरियन वास्तुकला को दिखाता है। गेयटी थियेटर (gaiety theatre) को हेनरी इरविन ने डिजाइन किया था और इसका उद्घाटन 1887 में ब्रिटिश सरकार ने एलीट क्लास के मनोरंजन के लिए किया था।

शिमला में एक और जगह देखने लायक है। साल 1888 में बनी वायसरीगल लाज (Viceregal Lodge, also known as Rashtrapati Niwas) नाम की बिल्डिंग (building) इसको वायसराय लार्ड डफरिन ( Lord Dufferin) के रहने के लिए बनाया गया था। लेकिन अब इस बिल्डिंग का यूज इंडियन इंस्टीट्यूट आफ एडवांस स्टडीज (Indian institute of advance studies) के तौर पर होता है। ये एक 6 मंजिल की इमारत है जो लान और बगीचों से घिरी हुई है। इसके टैरेस (terrace) से सनसेट (sunset) और सनराइज (sun rise) देखना भी बेहद अलग एक्सपीरियंस है।


शिमला की सबसे उंची चोटी पर भगवान हनुमान जी का मंदिर है इसे जाखू मंदिर (jakhu temple) कहते हैं। इस मंदिर में रिज पर बने चर्च के पास से पैदल या फिर टैक्सी (taxi) से जाया जा सकता है। मंदिर जाने के लिए काफी सीढि़यां चढ़नी पढ़ती है और रास्ते में आपको बंदर भी मिलेंगे लेकिन इतना परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि जब आप मंदिर पहुंच जाएंगे तो वहां से शिमला का नजारा देखकर आपकी थकान गायब हो जाएगी। ये प्राचीन मंदिर 2455 मीटर की उंचाई पर है और यहां पर राम भक्त हनुमान जी की 108 फीट उंची मूर्ति भी है जो शिमला में कहीं से भी दिखाई देती है। मान्यता है कि भगवान राम और रावण की लड़ाई के दौरान लक्ष्मण जी के मूर्छित होने के दौरान हनुमान जी यहां पर आए थे और जब हनुमान जी ऋषि यक्ष को मिलने का वादा पूरा ना कर पाए तो बाद में हनुमान जी ने उन्हें दर्शन दिये और यहां पर उनकी स्वयंभू मूर्ति प्रकट हुई तब यहां ऋषि यक्ष ने एक मंदिर बनवाया था।

जाखू मंदिर के अलावा यहां पर मां श्यामला का मंदिर भी है जो काली बाड़ी मंदिर के नाम से फेमस है। साथ ही शहर से थोड़ी दूर पर धनु देवता का मंदिर है जहां भगवान के पुरूष रूप की पूजा होती है।




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